2025 में ITR फाइलिंग में होने वाली आम गलतियाँ
2025 में ITR फाइलिंग में होने वाली आम गलतियाँ
2025 में आयकर रिटर्न (ITR) दाखिल करते समय कुछ सामान्य गलतियों से बचना जरूरी है ताकि आप जुर्माने, नोटिस या रिफंड में देरी से बच सकें। नीचे 10 सामान्य गलतियां और उनसे बचने के उपाय हिंदी में दिए गए हैं:
1-गलत ITR फॉर्म चुनना
अलग-अलग आय स्रोतों और करदाताओं के लिए अलग-अलग ITR फॉर्म होते हैं। उदाहरण के लिए, वेतनभोगी व्यक्ति जिनकी आय 50 लाख रुपये से कम है, उन्हें ITR-1 चुनना चाहिए, जबकि पूंजीगत लाभ या एक से अधिक संपत्ति वाले लोग ITR-2 चुनें। गलत फॉर्म चुनने से रिटर्न रिजेक्ट हो सकता है या प्रोसेसिंग में देरी हो सकती है।
उपाय: अपनी आय के स्रोत और श्रेणी के आधार पर सही फॉर्म चुनें। जरूरत हो तो टैक्स प्रोफेशनल से सलाह लें।
2-ITR दाखिल करने की समय सीमा चूक जाना
अधिकांश व्यक्तिगत करदाताओं के लिए ITR दाखिल करने की अंतिम तारीख 31 जुलाई 2025 है। देर से फाइल करने पर 1,000 से 10,000 रुपये तक का जुर्माना लग सकता है, और आप कुछ टैक्स छूट या नुकसान को आगे ले जाने का लाभ खो सकते हैं।
उपाय: समय से पहले तैयारी शुरू करें और अंतिम तारीख से पहले रिटर्न दाखिल करें।
3-आय के सभी स्रोतों की जानकारी न देना
कई लोग अपनी सैलरी के अलावा अन्य स्रोतों जैसे बचत खाते/फिक्स्ड डिपॉजिट से ब्याज, किराए की आय, या शेयर/म्यूचुअल फंड से पूंजीगत लाभ की जानकारी देना भूल जाते हैं। ऐसा न करने से टैक्स विभाग की जांच हो सकती है।
उपाय: अपने बैंक स्टेटमेंट, फॉर्म 26AS, और वार्षिक सूचना विवरण (AIS) की जांच करें और सभी आय स्रोतों को शामिल करें।
4-गलत व्यक्तिगत जानकारी देना
गलत PAN, आधार नंबर, पता, ईमेल ID, या बैंक खाता विवरण देने से रिफंड में देरी हो सकती है या नोटिस मिल सकता है।
उपाय: फॉर्म भरते समय PAN और आधार से जुड़ी जानकारी दोबारा जांचें। सुनिश्चित करें कि बैंक खाता नंबर और IFSC कोड सही हैं।
5-फॉर्म 26AS और AIS के साथ जानकारी का मिलान न करना
फॉर्म 26AS और AIS में आपके द्वारा काटे गए टैक्स (TDS) और वित्तीय लेनदेन का विवरण होता है। अगर ITR में दी गई जानकारी इनसे मेल नहीं खाती, तो रिटर्न में त्रुटि हो सकती है।
उपाय: ITR दाखिल करने से पहले फॉर्म 26AS और AIS की अपने रिकॉर्ड के साथ तुलना करें और कोई गलती हो तो सुधार करें।
6-ITR का सत्यापन (वेरिफिकेशन) न करना
ITR दाखिल करने के बाद 30 दिनों के भीतर इसका सत्यापन करना अनिवार्य है। ऐसा न करने पर रिटर्न अमान्य माना जाता है।
उपाय: आधार OTP, नेट बैंकिंग, या डिजिटल सिग्नेचर के जरिए ऑनलाइन सत्यापन करें। अगर ऑफलाइन करना हो, तो ITR-V को बेंगलुरु के सेंट्रल प्रोसेसिंग सेंटर (CPC) में भेजें।
7-गलत या फर्जी कटौती का दावा करना
बिना उचित दस्तावेजों के धारा 80C, 80D, या 80G के तहत अधिक कटौती का दावा करने से नोटिस मिल सकता है।
उपाय: केवल वैध दस्तावेजों के आधार पर कटौती का दावा करें और सभी निवेश/खर्च के प्रमाण संभालकर रखें।
8-सभी बैंक खातों का खुलासा न करना
निष्क्रिय (डॉर्मेंट) खातों को छोड़कर सभी सक्रिय बैंक खातों का विवरण ITR में देना जरूरी है। ऐसा न करने से टैक्स विभाग की जांच हो सकती है।
उपाय: अपने सभी सक्रिय बैंक खातों की सूची बनाएं और सही जानकारी दें।
9-गलत असेसमेंट ईयर चुनना
वित्तीय वर्ष 2024-25 (1 अप्रैल 2024 से 31 मार्च 2025) के लिए असेसमेंट ईयर 2025-26 है। गलत असेसमेंट ईयर चुनने से रिटर्न में त्रुटि हो सकती है।
उपाय: ITR फॉर्म भरते समय सही वित्तीय और असेसमेंट ईयर की पुष्टि करें।
10-जल्दबाजी में गलत कैलकुलेशन करना
पुराने और नए टैक्स रिजीम के बीच गलत गणना या आय/कटौती की गलत जानकारी देने से नुकसान हो सकता है।
उपाय: दोनों टैक्स रिजीम की तुलना करें और सही गणना के लिए टैक्स कैलकुलेटर या प्रोफेशनल की मदद लें
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