क्रेडिट लेजर के माध्यम से 10% जीएसटी अपील फीस जमा
सुप्रीम कोर्ट ने व्यवसायों को बड़ी राहत देते हुए एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। कोर्ट ने गुजरात हाई कोर्ट के निर्णय को बरकरार रखते हुए यह अनुमति दी है कि जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) अपील के लिए अनिवार्य 10% प्री-डिपॉजिट को इलेक्ट्रॉनिक क्रेडिट लेजर (Electronic Credit Ledger) के माध्यम से भुगतान किया जा सकता है। इसका मतलब है कि व्यवसायों को अब इस प्री-डिपॉजिट के लिए नकद (कैश) भुगतान करने की आवश्यकता नहीं होगी, बल्कि वे अपने इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का उपयोग कर सकते हैं। मुख्य बिंदु: क्या है प्री-डिपॉजिट? जीएसटी कानून के तहत, यदि कोई व्यवसायी जीएसटी अधिकारी के किसी आदेश या निर्णय के खिलाफ अपील दायर करना चाहता है, तो उसे विवादित कर राशि का 10% हिस्सा प्री-डिपॉजिट के रूप में जमा करना होता है। यह राशि अपील की सुनवाई के लिए अनिवार्य होती है। सुप्रीम कोर्ट का फैसला: सुप्रीम कोर्ट ने 19 मई, 2025 को यशो इंडस्ट्रीज बनाम भारत सरकार मामले में फैसला सुनाया कि यह 10% प्री-डिपॉजिट इलेक्ट्रॉनिक क्रेडिट लेजर में उपलब्ध ITC के जरिए जमा किया जा सकता है। यह व्यवसायों, खासकर छोटे और मध्यम उद्यम...